ads

जब कपिल देव ने कहा था-सचिन को शतक लगाना आता है लेकिन उसे डबल और ट्रिपल सेंचुरी में बदलना नहीं आता

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव इन दिनों इंग्लैंड दौरे के लिए नए खिलाड़ियों को चुने जाने से नाराज हैं। हाल ही उन्होंने कहा कि जब इंग्लैंड दौरे के लिए पहले से ही 20 सदस्यीय टीम का चयन हो गया है तो बाहर से किसी सलामी बल्लेबाज को नहीं चुना चाहिए। टीम इंडिया के ओपनर शुभमन गिल के चोटिल हो जाने के बाद पृथ्वी शॉ को उनकी जगह लिए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। पृथ्वी शॉ सीरीज के लिए टीम इंडिया की दूसरी टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर हैं। कपिल देव का कहना है कि जब इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में एक्सट्रा प्लेयर्स को शामिल किया गया तो बाहर से बल्लेबाज को क्यों बुलाया जाए। इसे कपिल देव ने टीम के खिलाड़ियों का अपमान बताया है। यह पहला मौका नहीं है जब कपिल देव ने इस तरह से सवाल उठाया हो। एक बार उन्होंने मास्टर ब्लास्टर सचिन की बल्लेबाजी को लेकर भी सवाल उठाए थे। कपिल देव ने महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच डब्ल्यू वी रमन से इंटरव्यू में कहा था कि सचिन तेंदुलकर नहीं जानते थे कि शतक को कैसे 200 और 300 में बदलना है।

निर्दयी बल्लेबाज नहीं है सचिन
कपिल देव ने पिछले वर्ष कहा था कि सचिन शतक बनाना जानते हैं। साथ ही कपिल ने कहा था कि उन्होंने सचिन जैसा टैलेंट नहीं देखा, लेकिन वह निर्दयी बल्लेबाज नहीं थे। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के टेस्ट में ज्यादा दोहरे शतक न लगा पाने पर सवाल उठाए थे। टेस्ट क्रिकेट में सचिन ने 51 शतक लगाए हैं। वहीं उन्होंने पहली बार दोहरा शतक 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में लगाया था। तेंदुलकर के 51 शतकों में से सिर्फ 20 ही ऐसे हैं, जिसमें उन्होंने 150 से ज्यादा रन बनाए।

यह भी पढ़ें— कपिल बोले-'शास्त्री को कोच पद से हटाने का कोई कारण नहीं बनता'

kapil_dev.png

शतक बनाने के बाद सिंगल्स लेते थे सचिन
कपिल देव ने कहा था कि सचिन मुंबई से हैं और उनकी मानसिकता थी कि शतक बनाने के बाद फिर से नई शुरुआत करते हैं। कपिल का कहना था कि उन्हें सचिन यह तरीका पसंद नहीं। कपिल ने कहा था कि उन्होंने सचिन से कहा था कि वह शानदार बल्लेबाज हैं, उनसे गेंदबाजों को डरना चाहिए। लेकिन शतक बनाने के बाद वह तेजी से खेलने की बजाय सिंगल्स लेते थे।

यह भी पढ़ें— इंग्लैंड दौरे के लिए नए खिलाड़ियों के चयन पर भड़के कपिल देव, कहा-टीम में मौजूद खिलाड़ियों के लिए यह अपमानजनक

टेस्ट में लगानी चाहिए थी कम से कम 5 ट्रिपल सेंचुरी
कपिल देव ने कहा था कि सचिन तेंदुलकर जैसे बल्लेबाज को अपने टेस्ट कॅरियर में कम से कम पांच तिहरे शतक जड़ने चाहिए थे। कपिल देव ने कहा था कि सचिन को 10 दोहरे शतक लगाने चाहिए थे, क्योंकि सचिन तेंदुलकर जैसा बल्लेबाज तेंज गेंदबाजों और स्पिनरों को हर ओवर में बाउंड्री के बाहर मार सकता है। सचिन ने वर्ष 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला दोहरा शतक लगाया था। वर्ष 2013 में उन्होंने संन्यास ले लिया था। उन्होंने 200 टेस्ट में 54.04 की औसत से 15921 रन बनाए।



Source जब कपिल देव ने कहा था-सचिन को शतक लगाना आता है लेकिन उसे डबल और ट्रिपल सेंचुरी में बदलना नहीं आता
https://ift.tt/3hUAbj5

Post a Comment

0 Comments